श्री ज्वाल्पा धाम – मुंडन संस्कार सेवा
स्थान: श्री ज्वाल्पा धाम, पत्रालय–पाटीसैंण, जिला–पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड, पिन–246167
माँ ज्वाल्पा देवी का यह पवित्र धाम बच्चों के पहले मुंडन संस्कार के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यहाँ माता की दिव्य शक्ति और प्राकृतिक वातावरण का संगम इस संस्कार को और अधिक पावन व कल्याणकारी बनाता है। दूर–दूर से परिवार अपने बच्चों का पहला मुंडन करवाने के लिए श्री ज्वाल्पा धाम पहुँचते हैं और माता से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
मुंडन संस्कार का धार्मिक महत्व
मुंडन संस्कार हिंदू संस्कृति में 16 शुद्ध संस्कारों में से एक है। यह संस्कार—
बच्चे की नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश,
बुद्धि व स्वास्थ्य में वृद्धि,
तथा शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है।
माँ ज्वाल्पा देवी के चरणों में यह संस्कार कराने से बच्चे के जीवन में मंगलकारी फल प्राप्त होते हैं।
यहाँ मुंडन संस्कार क्यों विशेष है?
1. माँ ज्वाल्पा देवी का आशीर्वाद
माना जाता है कि यहाँ मुंडन करवाने से बच्चे पर माता की विशेष कृपा बनी रहती है, और उसके जीवन में शांति, दीर्घायु तथा सौभाग्य प्राप्त होता है।
2. वैदिक विधि से संस्कार
अनुभवी पुजारी वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा–पाठ के साथ मुंडन संस्कार सम्पन्न कराते हैं।
प्रमुख विधियाँ शामिल हैं—
गणेश पूजन
हवन
मुंडन संस्कार
आशीर्वाद व प्रसाद वितरण
3. शुद्ध और पवित्र वातावरण
चारों ओर प्राकृतिक सौंदर्य, पर्वतीय हवा, और शांत वातावरण इस समारोह को आध्यात्मिक अनुभव में बदल देता है।
4. परिवार के लिए सुविधाएँ
पंडित जी की व्यवस्था
हवन/पूजा सामग्री
मुंडन के लिए सुरक्षित स्थान
परिवारों के लिए बैठने व ठहरने की सुविधाएँ आसपास उपलब्ध
5. यादगार अनुभव
प्राकृतिक पृष्ठभूमि, शांत माहौल और माता ज्वाल्पा देवी का मंदिर इस संस्कार को यादगार, सुंदर और दिव्य बना देता है।
मुंडन के लिए शुभ समय
मुंडन संस्कार वर्ष के कई शुभ मुहूर्तों में कराया जा सकता है, विशेषकर—
नवरात्रि
पर्व–त्योहार
पंडित जी द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यता
यहाँ मुंडन करवाने के बाद परिजन माता ज्वाल्पा देवी को चूनरी, नारियल, प्रसाद या सुधा जोड़ा अर्पित कर बच्चे के उत्तम भविष्य की कामना करते हैं।