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JWALPA DEVI TEMPLE

स्थान: श्री ज्वाल्पा धाम, पत्रालय–पाटीसैंण, जिला–पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड, पिन–246167

पौड़ी गढ़वाल की पावन धरती पर स्थित माँ ज्वाल्पा देवी का यह सिद्ध धाम भक्तों की आस्था का अद्भुत केन्द्र है। प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों, पर्वतीय शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा यह स्थान सदियों से श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि यहाँ की देवी अत्यंत जागृत हैं और सच्चे मन से माँगी गई मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।


धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

माँ ज्वाल्पा देवी अपने भक्तों की रक्षा करने वाली और मनोकामना पूर्ण करने वाली देवी मानी जाती हैं। यहाँ आने वाले श्रद्धालु सुख-संपत्ति, संतान, विवाह, तथा जीवन के विभिन्न कार्यों में सफलता की कामना करते हैं।

इस धाम में वर्षभर धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला चलता रहता है, जिनमें सबसे प्रमुख हैं:

1. शादी (विवाह संस्कार)

बहुत से लोग अपने विवाह या विवाह पूर्व रीति-रिवाज़ों के लिए यहाँ आते हैं। माना जाता है कि माँ ज्वाल्पा देवी की कृपा से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।

2. मुंडन संस्कार

बच्चों के पहले मुंडन संस्कार के लिए यह स्थान अत्यंत शुभ माना जाता है। परिवार बड़ी श्रद्धा के साथ अपने बच्चों का मुंडन करवाकर आशीर्वाद लेते हैं।

3. पूजा–पाठ, हवन और अनुष्ठान

यहाँ पंडितों द्वारा वैदिक रीति से विभिन्न प्रकार के हवन, पूजा, दुर्गा पाठ, और विशेष अनुष्ठान कराए जाते हैं।
विशेष रूप से—

  • गृह शांति हवन

  • नवग्रह पूजा

  • काली/दुर्गा पूजा

  • मांगलिक कार्यों के लिए विशेष अनुष्ठान


नवरात्रों में विशेष आयोजन

नवरात्रि में 9 दिनों तक विशेष पूजा, भजन-कीर्तन, हवन और अखंड ज्योति का कार्यक्रम चलता है।
इन दिनों यहाँ बहुत बड़ी संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं।
माँ का यह मंदिर नवरात्रों में एक दिव्य ऊर्जा से भर उठता है, और वातावरण “जय माता दी” के जयकारों से गूंजने लगता है।


मेला और स्थानीय उत्सव

धाम परिसर में समय–समय पर मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक-नृत्य और धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।
स्थानीय गढ़वाली संस्कृति, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, और पर्वतीय भोजन इस स्थान को और भी आकर्षक बनाते हैं।


मनोकामना पूरी करने का प्रसिद्ध स्थान

यह माना जाता है कि माँ के दरबार में सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना अवश्य सुनी जाती है।
कई लोग यहाँ सुधा जोड़ा (विवाह हेतु जोड़ा), चूनरी, नारियल, प्रसाद आदि चढ़ाकर अपनी मनोकामना माँगते हैं।
लोग अपनी इच्छाएँ पूरी होने पर पुनः माता के दर्शन के लिए आते हैं और धन्यवाद स्वरूप पूजन-अर्चन करते हैं।


प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति

श्री ज्वाल्पा धाम चारों ओर से पर्वतों, देवदार–बांज के जंगलों, स्वच्छ हवा और शांत वातावरण से घिरा है।
यहाँ आने वाला हर व्यक्ति आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मन की प्रसन्नता अनुभव करता है।

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